मनुष्य स्वयं को ज्ञात ब्रह्मांड का सर्वश्रेष्ठ प्राणी इसलिए नहीं मानता कि वह वसुंधरा पर आश्रित समस्त प्राणियों पर नियंत्रण करता है या स्वयं के जीवन को सुखमय बनाने हेतु नाना प्रकार के आविष्कारों को जन्म देता है बल्कि मनुष्य इस पृथ्वी का श्रेष्ठ प्राणी इसलिए माना जाता है क्योंकि वह बुद्धि/ विवेक व ज्ञान में श्रेष्ठ है। यही कारण है कि मनुष्य ने अपनी कल्पनाशक्ति के बल से संसार में समय - समय पर अनेक अविष्कार किए हैं। जिनमे कुछ सर्वाधिक महत्वपूर्ण अविष्कार मानव जाति के प्रचलित हैं जैसे आग की खोज, पहिए की खोज, बिजली की खोज, सूचना क्रांति का आगमन एवं भविष्य में होने वाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण आविष्कार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जो मनुष्य के जीवन को एक नए आयाम तक ले जायेगा।।
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